Wednesday, September 20, 2017
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गया रोडरेज केसः रॉकी यादव समेत 3 आदित्य की हत्या के दोषी करार

पटना। पिछले साल गया में रोड रेज में हुई आदित्य की हत्या के मामले में अदालत ने हत्या के मुख्य आरोपी रॉकी यादव समेत 3 लोगों को दोषी करार दिया है। फैसले के बाद आदित्य के माता-पिता ने कहा है कि न्यायालय रॉकी को कड़ी सजा दे ताकि लोगों को पता लगे कि गलत का अंजाम गलत है। दोषियों के खिलाफ सजा का ऐलान 6 सितंबर को होगा। मामले में सुनवाई 15 महीने, 23 दिन तक चली थी।

बोधगया से गया लौटने के क्रम में आदित्य की हुई हत्या

वो 7 मई 2016 का ही दिन था, जब बोधगया से गया लौटने के क्रम में रोडरेज के दौरान छात्र आदित्य सचदेवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आदित्य के साथ उसके चार अन्य दोस्त भी कार में सवार थे। उसका कुसूर बस इतना था कि उसने मनोरमा देवी के पुत्र रॉकी यादव की गाड़ी को साइड नहीं दी थी।

रॉकी यादव पर आदित्य सचदेवा की हत्या का आरोप लगा है। लैंड रोवर पर सवार रॉकी एवं उसकी विधान पार्षद मां मनोरमा देवी के बॉडीगार्ड राजेश कुमार ने उन्हें रोका और पहले मारपीट की। भागने के क्रम में पीछे से चली गोली आदित्य के सिर में लगी और उसकी मौत हो गई।

इस हत्याकांड में राकेश रंजन यादव उर्फ रॉकी एवं राजेश कुमार को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। बाद में अनुसंधान के क्रम में मुख्य आरोपी रॉकी के पिता सह गया जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष बिंदेश्वरी प्रसाद उर्फ बिंदी यादव और उसके चचेरे भाई राजीव कुमार उर्फ टेनी यादव को भी आरोपी बनाया गया। इन चारों आरोपियों पर अदालत में ट्रायल चला।

आदित्य के दोस्तों ने आरोपियों को पहचानने से किया इंकार

आदित्य के साथ गाड़ी में सवार उसके चारो दोस्तों ने घटना का समर्थन तो जरूर किया, परंतु आरोपी के पहचानने के बिंदु पर होस्टाईल हो गए। अदालत में गवाही के दौरान आरोपियों को पहचानने से इनकार कर दिया।

दो जजों ने की है आदित्य हत्याकांड की सुनवाई

इस केस का ट्रायल पहले एडीजे-9 सुरेश प्रसाद मिश्रा की अदालत में शुरू हुआ। परंतु बाद में इसे एडीजे-वन सच्चिदानंद सिंह की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया।

हाईप्रोफाइल है रॉकी यादव

भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा रॉकी रिनाउंड शूटर घोषित है। राइफल्स एसोसिएशन के सदस्य की हैसियत से वह पांच हथियार रखने का अधिकारी है। रॉकी राजनैतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से है। रॉकी की मां मनोरमा देवी बिहार विधान परिषद की सदस्य हैं, तो पिता बिन्देश्वरी प्रसाद उर्फ बिंदी यादव गया जिप के अध्यक्ष रह चुके हैं।

आदित्य के माता-पिता को है न्यायालय के फैसले पर भरोसा

आदित्य हत्याकांड पर गुरूवार का दिन सचदेवा परिवार के लिए काफी महत्वपूर्ण है। आदित्य के पिता श्याम सचदेवा का कहना है कि इस फैसले का इंतजार समाज और देश को है। कोर्ट के फैसले पर भरोसा और नई सुबह की उम्मीद के साथ पूरी आशा है कि हमें न्याय मिलेगा।

आदित्य की मां ने कहा- दोस्तों की मजबूरी को कानून समझ रहा है

मां चांंद सचदेवा को चश्मदीद रहे दोस्तों के गवाही में मुकरने का मलाल है, फिर भी बेटे की हत्या करने वालों को कड़ी सजा मिलने की पूरी उम्मीद जताती है। बताया कि दोस्तों के साथ क्या मजबूरी थी, कानून सब समझ रहा। न्याय के मंदिर से हमेशा रोशनी निकलने की बात कही।

आदित्य हत्याकांड में कब क्या हुआ…..

– 7 मई 2016 : आदित्य की हत्या

– 9 मई 2016 : चश्मदीद गवाहों का धारा 164 के तहत कोर्ट में बयान

– 9 मई 2016 : बिंदी यादव और बॉडीगार्ड राजेश कुमार की गिरफ्तारी

– 10 मई 2016 : राकेश रंजन यादव उर्फ राॅकी की गिरफ्तारी

– 17 मई 2016 : आरोपी राजीव कुमार उर्फ टेनी यादव का आत्मसमर्पण

– 21 नवंबर 2016 : अदालत में अारोप गठित

– 25 अगस्त 2017 : अदालत में सुनवाई पूरी

अभियोजन पक्ष से 30 गवाह

घटना के सूचक, आदित्य के अन्य परिजन, पुलिस अधिकारी, एफएसएल के अधिकारियों व बैलेस्टिक विशेषज्ञ समेत कुल 30 लोगों ने अभियोजन पक्ष की ओर से गवाही दी। बैलेस्टिक विशेषज्ञ व एफएसएल टीम की गवाही को अहम माना जा रहा है। टीम ने समर्थन किया है कि रॉकी के पास मौजूद पिस्टल वाली बोर की गोली से ही आदित्य की जान गई है।

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