Monday, September 25, 2017
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कंगना रनोट के इंटरव्‍यू पर ‘सिमरन’ के लेखक बोले…

नई दिल्‍ली: कंगना रनोट ने हाल ही में अपने कुछ अलग-अलग इंटरव्‍यू में ऋतिक रोशन से लेकर आदित्‍य पंचोली, करण जौहर से लेकर कंगना की आने वाली फिल्‍म ‘सिमरन’ के राइटर अपूर्व असरानी तक उठे लगभग हर विवाद पर बेबाकी से जवाब दिए. लेकिन कंगना के जवाबों और अरोपों पर अब कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. आदित्‍य पंचोली द्वारा कंगना को ‘पागल’ करार दिए जाने के बाद अब फिल्‍म ‘सिमरन’ के लेखक अपूर्व असरानी ने भी सोशल मीडिया पर एक और फेसबुक पोस्‍ट लिखकर कहा है कि एक ‘गे’ होने की वजह से वह जीवन भर पितृसत्‍ता का सामना करते रहे हैं और अब उन्‍हें इस मिथ्‍या नारीवाद का भी सामना करना पड़ा रहा है. अपूर्व का कहना है कि उनकी तरह से उन्‍होंने इस पूरे मामले पर मिट्टी डाल दी है, लेकिन यह कंगना हैं, जो बार-बार इस मुद्दे पर बात कर उन्‍हें ज्‍यादा से ज्‍यादा पब्लिसिटी दे रही हैं.

बता दें कि अपूर्व असरानी, कंगना रनोट की आने वाली फिल्‍म ‘सिमरन’ के लेखक हैं और इस फिल्‍म की शुरुआत में अपूर्व कंगना पर फिल्‍म में राइटिंग क्रेडिट लेने का अरोप लगा चुके हैं. इस विवाद पर भी अपूर्व ने एक लंबा-चौड़ा पोस्‍ट फेसबुक पर लिखा था और अब भी अपूर्व ने अपना मत फेसबुक पोस्‍ट के जरिए ही रखा है. अपूर्व ने अपने इस पोस्‍ट में लिखा है, ‘मैं अचानक उठी इस छद्म नारीवाद की लहर से परेशान हो चुका हूं और हमेशा के लिए इस बंद करना चाहता हूं. क्‍योंकि जो महिलाएं सभ्‍यता और निष्‍पक्षता की सीमाएं लांघ कर ‘आदमियों ने यह किया, तो हम क्‍यों नहीं कर सकते?’ जैसे तर्क देती हैं, सिर्फ समस्‍याएं पैदा करती हैं.’

अपूर्व ने अपने इस पोस्‍ट में कहा, ‘एक ‘गे’ होने के नाते मैं जीवन भर पितृसत्‍ता का शिकार होता आया हूं, लेकिन आज, मुझे छद्म नारीवाद का भी शिकार होना पड़ रहा है.’ उन्‍होंने लिखा है कि हम एक ऐसा समाज बन गए हैं, जो उन महिलाओं की तारीफ करती हैं जो नियमों को तोड़ती हैं, लेकिन ऐसा कोई मर्द करता है तो हम उसका विरोध करते हैं. लेकिन शायद हम भूल गए हैं कि नियमों को तोड़ने वाले, चाहे वह मर्द हो या औरत, एक गहरा प्रभाव डालते हैं.

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