Tuesday, February 20, 2018
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चारा घोटाला: जानें दिनभर का हाल और फैसले से जुड़ी बड़ी बातें

रांची : कोषागार से 89.4 लाख रुपये अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाले के मामले में CBI के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने शनिवार को अपना फैसला सुना दिया। अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद को दोषी करार दिया है तो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को इस मामले से बरी कर दिया। अदालत ने जगन्नाथ मिश्र सहित कुल 6 आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया है। एक नजर फैसले से जुड़ी बड़ी बातोें पर-

बरी होने वालों में डॉ. जगन्नााथ मिश्र के अलावा विद्यासागर निषाद, ध्रुव भगत, अधिक चंद्र चौधरी, सरस्वती चंद्र और साधना सिंह शामिल हैं। वहीं लालू समेत 16 दोषियों को अदालत ने न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल रांची भेज दिया है।

अदालत के इस निर्णय से लालू व उनके समर्थकों को जहां करारा झटका लगा है, वहीं मिश्र समर्थकों में खुशी की लहर देखी जा रही है।

शनिवार सुबह कोर्ट खुलते ही लालू प्रसाद, जगन्नाथ मिश्र सहित इस मामले के कुल 22 आरोपी व उनके समर्थकों की भीड़ जुट गई थी।

कोर्ट ने दोपहर बाद तीन बजे फैसला सुनाने की बात कही। एक बार फिर दिन के दो बजे के बाद से कोर्ट में भीड़ लगनी शुरू हो गई।

पूरा कोर्ट परिसर खचाखच भर गया था। कोर्ट का फैसला आने के साथ ही कहीं खुशी कहीं गम का नजारा दिखने लगा।

मामले में 13 दिसंबर को सुनवाई पूरी हुई थी। इसके बाद अदालत ने फैसले की तिथि 23 दिसंबर निर्धारित की थी।
फैसले के दौरान सभी 22 आरोपियों को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया गया था। लालू प्रसाद व जगन्नाथ मिश्र सहित अन्य आरोपी शुक्रवार की शाम रांची पहुंच गए थे। लालू के साथ उनके पुत्र तेजस्वी यादव भी रांची आए हैं।

देवघर कोषागार मामले में 38 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में दो चार्जशीट दाखिल की गई थी। पहली चार्जशीट 27 अक्टूबर, 1997 को हुई थी। सीबीआई के इंस्पेक्टर सह जांच पदाधिकारी नागेंद्र प्रसाद ने 34 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। दूसरी चार्जशीट 25 अगस्त, 2004 को हुई थी। इसमें चार आरोपियों के नाम शामिल थे। कुल 38 आरोपियों में न्यायालय में ट्रायल के दौरान 11 का देहांत हो गया।

वहीं सीबीआई ने तीन लोगों को सरकारी गवाह बना लिया। इसके अलावा दो आरोपियों ने फैसला सुनाए जाने के पूर्व दोष स्वीकार कर लिया।

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