Monday, February 19, 2018
Home > Latest post > मदरसों पर CM योगी का बड़ा फैसला, कहा- बंद करने की बजाय बच्चों को कंप्यूटर सिखाई जाए

मदरसों पर CM योगी का बड़ा फैसला, कहा- बंद करने की बजाय बच्चों को कंप्यूटर सिखाई जाए

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि मदरसों को बंद करना कोई हल नहीं है, बल्कि उनका आधुनिकीकरण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मदरसों के साथ-साथ संस्कृत विद्यालयों को भी आधुनिक बनाया जाना चाहिए।योगी आदित्यनाथ लखनऊ में देश के नौ राज्यों के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रियों के सम्मेलन में बोल रहे थे। इस मौके पर केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी भी मौजूद रहे।

मदरसों को लेकर योगी ने कहा, ‘मदरसों को बंद करना कोई हल नहीं है। इसकी जगह मदरसों का आधुनिकीकरण किया जाना चाहिए। संस्कृत विद्यालयों के साथ भी यही किया जाना चाहिए। मदरसों को कंप्यूटर से जोड़ा जाना चाहिए। मदरसों में विज्ञान, अंग्रेजी के साथ-साथ तकनीक आधारित विषयों को भी पढ़ाया जाना चाहिए। इससे समाज के एक बड़े तबके को काफी फायदा होगा। ये प्रतिभाएं आगे चलकर देश की तरक्की में अपना योगदान करेंगी। उन्हें रोजगार से वंचित नहीं होना पड़ेगा।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, जब हम अल्पसंख्यक कल्याण की बात करते हैं तो हमारे सामने बहुत सारे सवाल खड़े होते हैं। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय पर बेहद अहम जिम्मेदारी है। अगर हमारे शरीर का कोई अंग काम करना बंद कर देता है तो हमें दिव्यांग कहा जाता है, उसी तरह अगर समाज में किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव किया जाता है तो वह अपने आप को अपक्षित महसूस करेगा।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा, ‘नकवी के मंत्री बनने और यूपी में उनकी सरकार आने के बाद अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रमों में तेजी आई है। राशन कार्डों का सत्यापन कराया गया है और 37 लाख राशन कार्ड दिए गए हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि सरकार बिना भेदभाव के सभी वर्ग के लिए काम कर रही है। अल्पसंख्यक वर्ग के लिए प्रधानमंत्री स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

उन्होंने मदरसों की तरह संस्कृत विद्यालयों के भी आधुनिकीकरण किए जाने की बात कही। संस्कृत विद्यालयों को भी अन्य विषयों को अपनाना चाहिए तभी फायदा होगा। योगी ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्किल डेपलपमेंट प्रोग्राम चलाया है। इसके जरिए अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कल्याण के कदम उठाए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please wait...

Subscribe to our newsletter

Want to be notified when our article is published? Enter your email address and name below to be the first to know.