Monday, February 19, 2018
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डांस की दीवानी देवयानी, पैर कटाना मंजूर था लेकिन डांस छोड़ना नहीं

मुंबई की मशहूर लावणी नृत्यांगना देवयानी चंदवडकर का शुमार पहली कैटेगरी के लोगों में होता है। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ती गईं।

मुंबई की मशहूर लावणी नृत्यांगना देवयानी चंदवडकर का शुमार पहली कैटेगरी के लोगों में होता है। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ती गईं।

10 साल पहले ट्रेन से उतरते समय फिसल जाने से उनके एक पांव में फ्रैक्चर हो गया था। तीन दिन बाद ही मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित शिवाजी मंदिर में प्रोग्राम था। ये मौका बड़ी मुश्किल से मिला था, जिसे मैं किसी हालत में गंवाना नहीं चाहती थी।

डॉक्टर ने कहा कि डांस करोगी तो पांव काटना पड़ेगा। मैंने कहा…मुझे मंजूर है। आप पांव काट देना मगर परफॉर्मेंस के बाद। खैर…बाद में पांव तो नहीं काटना पड़ा, मगर उसे ठीक होने में वक्त कुछ ज्यादा लग गया। प्लास्टर बंधवाकर मुझे महीनों बेड पर पड़ा रहना पड़ा।

देवयानी बताती को शिवाजी मंदिर की उस परफॉर्मेंस के बाद मेरे पास कई बड़े ऑफर्स आए। पवित्र रिश्ता, बाजीराव मस्तानी जैसे कई सीरियल में परफॉर्म करने के बाद मुझे अक्षय कुमार स्टारर संजय लीला भंसाली की फिल्म गब्बर इज बैक में भी लावणी करने का मौका मिला।

लावणी के जरिए देश-दुनिया में नाम रोशन कर रही देवयानी मूलत: भरतनाट्यम डांसर हैं। वे साढ़े तीन साल की उम्र से भरतनाट्यम सीख रही थीं। मगर जब अरंगेत्रम अर्थात भरतनाट्यम का मंच पर पहली बार एकल प्रदर्शन करने का मौका आया तो उन्हें उसी वक्त सिंगा

देवयानी का कहना है कि भरतनाट्यम की ही वजह से ही मैं लावणी में इतनी जल्दी सफलता पा सकी हूं। इसलिए अरंगेत्रम पूरा नहीं कर पाने का गम मुझे भीतर ही भीतर खलता रहता है। क्योंकि इसके बाद मुझे स्टेज पर क्लासिकल डांस परफॉर्म करने की भी पात्रता मिल जाएगी।

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