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भारत चीन की सीमा विवाद से निपटने के लिया अहम् फैसला, जल्द ही लद्दाख में ५४ नए मोबाइल टावर लगाए जायेंगे लद्दाख में LAC वाले क्षेत्रो में डेवलपमेंट जल्द ही बढ़ाया जाये.

india planting mobile tower in laddakh

भारत चीन की सीमा विवाद से निपटने के लिया अहम् फैसला, जल्द ही लद्दाख में ५४ नए मोबाइल टावर लगाए जायेंगे
लद्दाख में LAC वाले क्षेत्रो में डेवलपमेंट जल्द ही बढ़ाया जाये.

न्यूज़ इंडिया नेटवर्क – दिल्ली: हाल ही में हो रहे सीमा विवाद से निपटने के लिए भारत ने बॉर्डर पे विशेषकर LAC वाले इलाको में इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवेलोप करने का फैसला ले लिए है. अभी ५४ मोबाइल टावर लगाए जायेंगे. जिसमे नुब्रा में 7, लेह में 17, जंसकार में 11 और कारगिल में 19 मोबाइल टावर लगाए जाएंगे.

सेना प्रमुख एमएम नरवणे लद्दाख में सीमा का मुआयना कर आये है, सेना प्रमुख इन हालातो की जानकारी जल्द ही सरकार को देंगे. गौरतलब है कि भारत ने भी लद्दाख में अपने भीष्म टैंक शक्तिशाली टी-90 तैनात किया है. बॉर्डर पे लगभग २ महीने से चल रही विवाद से निपटने के लिए भारत ने अपने सैनिक भी बढ़ाये है. जिससे चीन को चैलेंज किये है चीन ने अपनी सीमा में टैंक, तोप, बख्तरबंद गाड़ियों और सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है. इसका जवाब देने के लिए इसी महीने भीष्म टैंक को लद्दाख के मोर्चे पर लाया गया है और इसे आप 73 वर्षों में भारत का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी कह सकते हैं.
लद्दाख के डेमचोक और स्पांगुर गैप इलाके में रेतीली जमीन और सपाट मैदान हैं. इन दोनों इलाके में भीष्म अपनी पूरी रफ्तार से आगे बढ़ सकते हैं. डेमचोक इलाके में पांच महत्वपूर्ण रास्तों की सुरक्षा भी ये टैंक कर सकते हैं. डेमचोक और स्पांगुर गैप से चीन का महत्वपूर्ण G219 हाई वे लगभग 50 किलोमीटर दूर है और अगर यहां लड़ाई हुई तो भारतीय टैंक चीन के इस हाईवे को आसानी से निशाना बना पाएंगे.

इसलिए लद्दाख में भीष्म टैंक तैनात किया गया
असल में गलवान घाटी के बाद अब भारत और चीन के बीच टकराव का मुख्य मुद्दा पेंगॉन्ग झील बन चुकी है. चीन ने पेंगोंग झील के फिंगर 8 से लेकर फिंगर 4 तक कब्जा कर लिया है और अब वहां पर सैन्य निर्माण कर रहा है, जिसपर भारत को सबसे ज्यादा आपत्ति है लेकिन लद्दाख में भीष्म की एंट्री के बाद यहां का शक्ति संतुलन भारत के पक्ष में आ गया है.

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